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इस बार रक्षाबंधन पर खुद को भावुकता के भ्रमजाल से निकालिए

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महिलाओं ने सोशल मीडिया पर रायता फैला दिया है । कल तक जो ताने,उलाहने, तंज और कटुक्तियां अप्रत्यक्ष रूप से निकलती थीं, आज सोशल मीडिया पर कैमरे के सामने निकल रही हैं । घर, ससुराल, देवर, भौजाई, ननद और रिश्तेदारों को कोसने वाले मीम वायरल हो रहे हैं । रील के जवाब में रील बन रही है...लोग तमाशा देख रहे हैं और तमाशे से कमाई हो रही है । देखा जाए तो कोई किसी से कम नहीं है । ननदें भौजाइयों पर मायका छीन लेने का आरोप लगा रही हैं तो भौजाइयां ननदों को आफत मान रही हैं । कंटेंट के नाम पर हर दूसरी रील में बार - बार कचरा परोसा जा रहा है । इधर रक्षाबंधन आ रहा है तो कई किसिम की बहनें आपको देखने को मिल जाएंगी । किसी को गरीब भाई को राखी नहीं बांधनी और अमीर भाई को राखी बांधनी है । भाई - बहन के झगड़ों से सजे एआई वीडियो हर जगह फैले हुए हैं । विज्ञापनों के युग में संबंध भी अब विज्ञापन और कंटेंट बनकर रह गये हैं । भौजाइयां अपने घर को अपना साम्राज्य मान रही हैं और देवर, ननद या किसी और का दखल उनके लिए आक्रमण की तरह है । इसे रोकने के लिए वह किसी भी तरह का प्रपंच रचने से बाज नहीं आ रही हैं और यही हाल ननदों का भी...

मंत्री जी दीघा में स्विम सूट....ये कैसा ड्रेस कोड है ?

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अगर आप साड़ी या सलवार सूट पहनती हैं तो आपको यह खबर निराश करेगी और परिवार के साथ दुर्गापूजा की छुट्टियों में घूमने की प्लानिंग पर सरकारी पानी फिर सकता है। बात यह है कि राज्य के माननीय मंत्री द्वारा हुकुम जारी किया गया है कि दीघा में समुद्री तट पर महिलाओं को स्विम सूट पहनना ही होगा । इसके लिए सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जा रहा है । मजे की बात यह है कि यह बात वह सरकार कर रही है कि जो भारतीय संस्कृति को बचाए रखने की दुहाई देती रही है और जय श्रीराम के नारों के साथ सत्ता में आई है। अब मैं सोच रही हूँ कि बंगाल की उन तीन – चार करोड़ महिलाओं का क्या होगा जो दीघा जाने की सोच रही हैं। भारत में तो घूंघट और बुरके की लड़ाई चल ही रही है कि आप स्वीम सूट पहनाने का सपना देख रहे हैं । क्या भारत के अन्य राज्यों में समुद्र नहीं हैं जहाँ तीर्थाटन नहीं होता ? क्या दीघा की महिमा पुरी के जगन्नाथ धाम से भी ज्यादा हैं या आप दीघा को गोआ बनाने के मूड में हैं ? क्या माता सीता ने समुद्र नहीं देखे होंगे या नदियां नहीं देखी होंगी ? महारानी दुर्गावती, महारानी अहिल्या बाई होल्कर, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, मातांगिन...